Presumptive taxation – Section 44AD, 44ADA, 44AE for Business, Profession and Transporters

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2 Meaning of Presumptive Taxation Scheme प्रिसमटिव टैक्सेशन स्कीम का अर्थ

Presumptive Taxation Scheme under Business, Profession and Transporters – Section 44AD, 44ADA, 44AE 

Presumptive taxation – हम इस आर्टिकल में समझेंगे की प्रिसमटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) क्या है साथ ही हम प्रिसमटिव टैक्सेशन (Presumptive Taxation) के अंतर्गत आने वाले section – 44AD, 44ADA और  44AE को समझेंगे।
छोटे करदाताओं (taxpayers) को बहीखातों (books of account) के रख-रखाव के कठिन काम से राहत देने के लिए और खातों का ऑडिट करवाने के झंझट से बचने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा प्रिसमटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) तैयार की गई है। इस स्कीम के लिए आयकर विभाग ने sections 44AD, section 44ADA and section 44AE तैयार किये है 

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Meaning of Presumptive Taxation Scheme
प्रिसमटिव टैक्सेशन स्कीम का अर्थ 

आयकर अधिनियम के अनुसार, व्यवसाय और पेशे (business and profession) में लगे व्यक्तियों को नियमित बुक्स को मेंटेन रखने की आवश्यकता होती है और इसके अलावा, उसे अपने खातों का ऑडिट करवाना होता है। छोटे करदाताओं को इस थकाऊ काम से राहत देने के लिए, आयकर अधिनियम ने धारा 44AD, 44ADA और 44AE के तहत प्रिसमटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) तैयार की है।
प्रिसमटिव टैक्सेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) को अपनाने वाला व्यक्ति एक निर्धारित रेट पर आय की घोषणा कर सकता है और बदले में, खाते की पुस्तकों के रखरखाव के कठिन काम से और खातों के ऑडिट से भी मुक्त हो जाता है।
यह स्कीम फ्रीलांसरों, प्रोफेशनल्स, डॉक्टरों, वकीलों, अधिवक्ताओं, एकाउंटेंट्स, इंजीनियरों, ठेकेदारों, छोटे बिज़नेस और  एमएसएमई व्यवसायों जैसे छोटे करदाताओं लिए उपयुक्त है।

  • Presumptive Income Tax under Section 44AD for Business Income
  • Presumptive Income Tax under Section 44ADA for Professional Income
  • Presumptive Income Tax under Section 44AE for Select Businesses

 

यह भी पढ़ें : New Tax Regime vs Old Tax Regime : कोनसा विकल्प है आपके लिए बेहतर

Presumptive Income Tax under Section 44AD for Business Income

Section 44AD की प्रिसमटिव टैक्सेशन (Presumptive Taxation) स्कीम किसी भी व्यवसाय में लगे छोटे टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए डिज़ाइन की गई है (Section 44AE के अंतर्गत माल वाहनों को चलाने, किराए पर लेने या पट्टे पर देने के व्यवसाय को छोड़कर)।

प्रिसमटिव टैक्सेशन (presumptive Taxation) स्कीम का section 44AD निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा अपनाई जा सकता है

  1. निवासी व्यक्ति (Resident Individual)
  2. निवासी हिन्दू अविभाजित परिवार (Resident Hindu Undivided Family)
  3. रेजिडेंट पार्टनरशिप फर्म (लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म को छोड़ कर) Resident Partnership Firm (not Limited Liability Partnership Firm)
इस योजना को एक  नॉन-रेजिडेंट और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म द्वारा नहीं अपनाया जा सकता है।
वह बिज़नेस और व्यक्ति जो प्रिसमटिव टैक्सेशन (presumptive Taxation) स्कीम के section 44AD के अंतर्गत नहीं आते है।
section 44AD निम्नलिखित व्यवसायों को छोड़कर किसी भी अन्य व्यवसाय में लगे छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए डिज़ाइन की गई है। 
  • section 44AE के अंतर्गत माल वाहनों को चलाने, किराए पर लेने या किराये पर देने का व्यवसाय।
  • वह व्यक्ति जो किसी एजेंसी को चला रहा है
  • वह व्यक्ति जो कमीशन या ब्रोकरेज के रूप में आय अर्जित कर रहा है
  • वह व्यक्ति जिसका कुल कारोबार या सालाना गॉस रिसीट्स (gross receipts) 2 करोड़ रुपये से अधिक है।
  • ऊपर बताये गए व्यवसायों के अलावा, section 44AA(1) में निर्दिष्ट प्रोफेशन को करने वाला व्यक्ति section 44AD के लिए पात्र नहीं है। 

Calculation of income from business under section 44AD of presumptive income
प्रिसमटिव इनकम (Presumptive Income) के section 44AD के अंतर्गत बिज़नेस से होने वाली इनकम की कैलकुलेशन 

प्रिसमटिव इनकम (Presumptive Income) के section 44AD को अपनाने वाले व्यक्तियों के मामले में इनकम टैक्स का कैलकुलेशन पुरे साल में हुआ टर्नओवर या गॉस रिसीट्स (gross receipts) के 8% की दर के आधार पर की जाती है। 
    डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और छोटे असंगठित व्यवसाय को डिजिटल भुगतान स्वीकार करने को प्रोत्साहित करने के लिए, section 44AD को वर्ष 2017-18 से संशोधित किया गया है इसके अंतर्गत यदि कोई बिज़नेस अपना टर्नओवर या गॉस रिसीट्स (gross receipts) प्राप्त करने के लिए अकाउंट पेयी चेक, बैंक ड्राफ्ट, इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सिस्टम ऐसे किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक मोड का प्रयोग करता है तो उस इनकम की गणना 8% के बजाय 6% की दर से की जाएगी।हालाँकि, व्यक्ति स्वेच्छा से अपनी बिज़नेस इनकम को 8% या 6% से अधिक दिखा सकता है 
    कोई व्यक्ति प्रिसमटिव इनकम (Presumptive Income) के section 44AD का चयन कर रहा है, तो आयकर अधिनियम के तहत प्रदान किए गए भत्ते/अस्वीकृति (allowance/disallowances) के प्रावधान लागू नहीं होंगे और 6% या 8% की अनुमानित दर पर आय की गणना की जाएगी और यह इनकम उस बिज़नेस की फाइनल टैक्सबल इनकम मानी जाएगी। 
 

Payment of advance tax under section 44AD of Presumptive Income scheme
प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AD के अंतर्गत एडवांस टैक्स का भुगतान 

section 44AD के तहत प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) का चयन करने वाला कोई भी व्यक्ति फाइनेंसियल वर्ष के 15 मार्च को या उससे पहले एडवांस टैक्स की पूरी राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। यदि वह पिछले वर्ष के 15 मार्च तक एडवांस टैक्स का भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह section 234C के अनुसार ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।
 

A person does not want to adopt section 44AD of the Presumptive Income Scheme and wants to declares income at a lower rate (at less than 6% or 8%)
कोई व्यक्ति प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AD को नहीं अपनान चाहता है और इनकम फिक्स्ड रेट से काम दिखाना चाहता है (8% या 6% से कम)

कोई भी व्यक्ति कम दर (यानी, 6% या 8% से कम) पर आय की घोषणा कर सकता है, हालांकि, यदि वह ऐसा करता है, तो उसे बुक्स ऑफ़ अकाउंट को बनाए रखना होगा, section 44AA के प्रावधानों के अनुसार खाते का लेखा-जोखा रखना होगा और section 44AB के अनुसार अपने खातों का ऑडिट करवाना होगा। 
 

If a person wants to opt out of section 44AD of the Presumptive Income Scheme
यदि कोई व्यक्ति प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AD से बाहर निकलना चाहता है तो

यदि कोई व्यक्ति प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) का विकल्प चुनता है तो उसे अगले 5 वर्षों के लिए उसी स्कीम का पालन करना होगा। यदि वह ऐसा करने में विफल रहता है, तो उसके लिए अगले 5 वर्षों तक प्रिसमटिव इनकम स्कीम उपलब्ध नहीं होगी। इसके अलावा, उसे बुक्स ऑफ़ अकाउंट को रखने और मैंटेन रखने की आवश्यकता होगी और वह AY से धारा 44AB के अनुसार टैक्स ऑडिट के लिए भी उत्तरदायी होगा।

 

Presumptive Income Tax under Section 44ADA for Professional Income

प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44ADA को स्पेसिफ़िएड प्रोफेशन में लगे छोटे करदाताओं को राहत देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। 
निम्नलिखित प्रोफेशन में संलग्न भारत में निवासी व्यक्ति section 44ADA की प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) का लाभ उठा सकते है
  • कानूनी Legal
  • मेडिकल Medical 
  • इंजीनियरिंग या वास्तुकला Engineering or architectural
  • लेखाकर्म Accountancy
  • तकनीकी परामर्श Technical consultancy 
  • आंतरिक सजावट Interior decoration
  • सीबीडीटी द्वारा अधिसूचित कोई अन्य पेशा Any other profession as notified by CBDT
 
 

Calculation of taxable income under section 44ADA of Presumptive Income Scheme
प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44ADA अंतर्गत टैक्सेबल इनकम का कैलकुलेशन

प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44ADA को अपनाने वाले व्यक्ति के मामले में, आय की गणना अनुमानित आधार पर की जाएगी, अर्थात प्रोफेशन की कुल ग्रॉस रिसीट्स का 50%। हालांकि ऐसा व्यक्ति 50% से अधिक आय की घोषणा कर सकता है। 
    प्रिसमटिव इनकम (Presumptive Income) की गणना 50% अंतिम आय है और आगे किसी भी खर्च की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोई व्यक्ति जो प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) को अपनाता है, यह माना जाता है कि उसने अपने सभी खर्चों की कटौती का दावा पूर्व में ही कर लिया है। तथा 50% लाभ घोषित करने के बाद कटौती के किसी भी दावे की अनुमति नहीं दी जाएगी। section 44ADA के प्रावधानों के अनुसार इनकम की गणना करते समय, डेप्रिसिएशन के लिए अलग से कटौती (deduction) उपलब्ध नहीं है।
 

Payment of advance tax under section 44ADA of Presumptive Income scheme
प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44ADA के अंतर्गत एडवांस टैक्स का भुगतान

section 44ADA के तहत प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) का चयन करने वाला कोई भी व्यक्ति फाइनेंसियल वर्ष के 15 मार्च को या उससे पहले एडवांस टैक्स की पूरी राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। यदि वह पिछले वर्ष के 15 मार्च तक एडवांस टैक्स का भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह section 234C के अनुसार ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।

A person does not want to adopt section 44ADA of the Presumptive Income Scheme and wants to declares income at a lower rate (at less than 50%)
कोई व्यक्ति प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44ADA को नहीं अपनान चाहता है और इनकम फिक्स्ड रेट से काम दिखाना चाहता है (50% से कम)

कोई भी व्यक्ति कम दर (यानी, 50% से कम) पर आय की घोषणा कर सकता है, हालांकि, यदि वह ऐसा करता है, तो उसे बुक्स ऑफ़ अकाउंट को बनाए रखना होगा, section 44AA के प्रावधानों के अनुसार खाते का लेखा-जोखा रखना होगा और section 44AB के अनुसार अपने खातों का ऑडिट करवाना होगा। 

Presumptive Income Tax under Section 44AE for Select Businesses

प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AE के प्रावधान अभी व्यक्तियों (अर्थात, इंडिविजुअल, HUF, फर्म, कंपनी, आदि) पर लागू होते हैं। प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AE को एक ऐसे व्यक्ति द्वारा अपनाया जा सकता है जो माल वाहनों (goods carriages) को चलाने, किराए पर लेने या किराये पर देने के व्यवसाय में लगा हुआ है और जिसके पास वित्तीय वर्ष के दौरान किसी भी समय 10 से अधिक माल वाहन नहीं हैं। यदि कोई व्यक्ति वित्तीय वर्ष के दौरान किसी भी समय 10 से अधिक माल वाहनों का मालिक है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकता है।
 
 

Calculation of taxable income under section 44AE of Presumptive Income Scheme
प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AE अंतर्गत टैक्सेबल इनकम का कैलकुलेशन

कोई व्यक्ति प्रिसमटिव इनकम स्कीम (Presumptive Income Scheme) के section 44AE को चुनने के लिए तैयार है,तो उसकी आय की गणना अनुमानित आधार पर की जाएगी।
  • लाइट गुड्स व्हीकल (12 मीट्रिक टन से कम – ग्रॉस वेट व्हीकल) – रु। 7,500 प्रति टन प्रति वाहन प्रति माह
  • भारी माल वाहन (12 मीट्रिक टन से अधिक – ग्रॉस वेट व्हीकल) – रु। 1,000 प्रति टन प्रति वाहन प्रति माह

नोट – यदि वास्तविक आय अनुमानित दर से अधिक है, अर्थात 1,000/रु. 7,500,रु रुपये से अधिक है तो इससे अधिक को आय भी घोषित किया जा सकता है।

 
उदाहरण
 
श्री रोहन मालवाहक वाहनों को चलाने, वाहन किराए पर लेने या किराए पर देने के व्यवसाय में लगे हुए हैं। वर्ष 2021-22 के दौरान उनके पास 9 माल वाहन (भारी माल वाहनों के अलावा) का स्वामित्व था। यदि वह section 44AE के प्रावधानों को अपनाते है तो माल वाहनों को चलाने, किराए पर लेने या किराए पर देने के व्यवसाय से टैक्सेबल इनकम क्या होगी?
 ******
section 44AE के प्रावधानों के अनुसार, भारी माल वाहन के अलावा अन्य वाहनों के मामले में, आय की गणना हर महीने या महीने के उस हिस्से के लिए 7,500 की दर से की जाएगी, जिसके दौरान माल ढुलाई वाहन करदाता के स्वामित्व में था।
    वर्तमान मामले में, श्री रोहन के पास पूरे वर्ष में 9 माल वाहन थे और इसलिए, आय की गणना निम्नानुसार की जाएगी। 
 
प्रति माल वाहन प्रति माह आय = 7,500
माल वाहनों की संख्या = 9
section 44AE के प्रावधानों के अनुसार माल वाहनों से मासिक आय 7500×9  = 67,500
वर्ष में 12 महीनों के दौरान वाहन मालिक थे
section 44AE प्रावधानों के अनुसार माल ढुलाई, किराए पर लेने या पट्टे पर देने के व्यवसाय से कुल आय = 8,10,000
उदाहरण
 
श्री सुनील मालवाहक वाहनों को चलाने, किराए पर लेने या पट्टे पर देने के व्यवसाय में लगे हुए हैं। पिछले वर्ष 2021-22 के दौरान उनके पास 13,000 किलोग्राम वजन वाले 5 भारी माल वाहन और 4 अन्य माल वाहन थे। section 44AE के प्रावधानों के अनुसार उसकी टैक्सेबल इनकम क्या होगी?
******
वर्तमान मामले में, श्री सुनील के पास कुल 9 माल वाहन हैं जिनमें से 5 भारी माल वाहन हैं जिनका सकल वजन 13,000 किलोग्राम है। इसलिए, आय की गणना निम्नानुसार की जाएगी
भारी माल वाहन प्रति माह आय (13 टन) 1000 x 13 = 13000
भारी माल वाहनों की संख्या 5 – 13000 x 5 = 65000
एक वर्ष में महीनों की संख्या = 12
section 44AE के प्रावधानों के अनुसार भारी माल वाहन से कुल आय (A) = 7,80,000
प्रति माल वाहन से प्रति माह आय (भारी वाहन के अलावा) = 7,500
भारी माल वाहन के अलावा अन्य वाहनों की संख्या 4
section 44AE के प्रावधानों के अनुसार भारी माल वाहन के अलावा अन्य वाहनों के मामले में मासिक आय = 30000
एक वर्ष में महीनों की संख्या = 12
भारी माल वाहन के अलावा अन्य वाहनों से कुल आय = 3,60,000
section 44AE के प्रावधानों के अनुसार माल ढुलाई, किराए पर या पट्टे पर देने के व्यवसाय से कुल आय (A+B) = 11,40,000
प्रिसमटिव इनकम (Presumptive Income) की गणना 1,000 प्रति टन या रु 7,500 प्रति माल वाहन प्रति माह अंतिम आय है और आगे किसी भी खर्च की अनुमति नहीं दी जाएगी।

Payment of advance tax under section 44AE of the Presumptive Taxation Scheme
प्रिसमटिव टेक्सटेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) के section 44AE के अंतर्गत एडवांस टैक्स का भुगतान

प्रिसमटिव टेक्सटेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) के section 44AE को अपनाने वाले व्यक्ति के मामले में एडवांस टैक्स के भुगतान के संबंध में कोई रियायत नहीं है और इसलिए, वह  section 44AE की प्रिसमटिव टेक्सटेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) को अपनाने पर भी एडवांस टैक्स का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।

A person does not want to section 44AE of the Presumptive Taxation scheme and wants to declares income at a lower rate
कोई व्यक्ति प्रिसमटिव टेक्सटेशन स्कीम (Presumptive Taxation scheme) के section 44AE को नहीं अपनान चाहता है और इनकम फिक्स्ड रेट से काम दिखाना चाहता है

एक व्यक्ति अपनी आय को कम दर पर घोषित कर सकता है (यानी, 1,000 रुपये प्रति टन से कम या 7,500 रुपये प्रति माल वाहन प्रति माह)। हालांकि, यदि वह ऐसा करता है, तो उसे section 44AA के प्रावधानों के अनुसार बुक्स ऑफ़ अकाउंट का रखरखाव करना होगा और section 44AB के तहत अपने खातों का ऑडिट करना होगा।

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